सबकी मरम्मत मुमकिन है

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तोड़ कर जोड़ लो चाहे हर चीज़ दुनिया की,
सबकी मरम्मत मुमकिन है ऐतबार के सिवा।
Tod Kar Jod Lo Chaahe Har Cheej Duniya Ki,
Sabki Marammat Mumkin Hai Aitbaar Ke Siwa.

अपनी तस्वीर बनाओगे तो होगा एहसास,
कितना दुश्वार है खुद को कोई चेहरा देना।
Apni Tasvir Banaoge To Hoga Tumhein Ehsaas,
Kitna Dushwar Hai Khud Ko Koi Chehra Dena.

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हजारों लोग शरीक हुए थे जनाज़े में उसके,
तन्हाइयों के खौफ से जो शख्स मर गया।
Hajaron Log Shareek They Janaze Mein Uske,
Tanhayiyon Ke Khauf Se Jo Shakhs Mar Gaya.

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हादसे इंसान की पहचान मिटा देते है

खुदगर्जी के ज़माने में कोई

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