Mohabbat Se Mukarna Pada

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अपनी ही मोहब्बत से मुकरना पड़ा मुझे,
जब देखा उसे रोता किसी और के लिए।
Apni Hi Mohabbat Se Mukarna Pada Mujhe,
Jab Dekha Usey Rota Kisi Aur Ke Liye.

ना जाने कैसी नजर लगी है ज़माने की,
वजह ही नहीं मिल रही मुस्कुराने की।
Na Jane Kaisi Najar Lagi Hai Zamane Ki,
Wajah Hi Nahi Mil Rahi Muskurane Ki.

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मुझसे मिलने को करता था बहाने कितने,
अब मेरे बिना गुजारेगा वो जमाने कितने।
Mujhse Milne Ko Karta Tha Bahane Kitne,
Ab Mere Bina Gujarega Wo Zamane Kitne.

शायद कोई इधर आके लौट गया है,
बेताबी से यूं मुंह को कलेजा नहीं आता।
Sayad Koi Idhar Aake Laut Gaya Hai,
Betaabi Se Yoon Munh Ko Kaleja Nahi Aata.

कहते हैं उम्मीद पे जीता है जमाना,
क्या करे वो जिसकी कोई उम्मीद नहीं हो।
Kehte Hain Ummeed Pe Jeeta Hai Zamana,
Kya Kare Wo Jiski Koi Ummeed Nahi Ho.

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